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रुठे इंद्रदेव को मनाने भीमा और भीमाइन देवी की कराई गई शादी, जुटे हजारों लोग

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धमतरी, 9 जुलाई 2018। मानसून ब्रेक के कारण सूबे में हाहाकार की स्थिति है। इंद्रदेव को मनाने के लिए अब जगह-जगह टोटका और अनुष्ठान प्रारंभ कर दिए गए हैं। सिहावा में अच्छी बारिश और फसल की कामना को लेकर 20 गांवो के हजारो ग्रमीणो ने पंरमपरागंत ढंग से आराध्य देव भीमा और भीमाइन देवी का विवाह सम्मपन्न कराया ….. आदिवासीयो की प्राचीन मान्यताओ के मुताबिक आस पास के गांव के हजारो लोग इकट्ठे हुए.. नाच गाने के साथ देवी देवताओ की पूजा की गई ….. और हैरानी की बात ये रही कि इस बार भी पूजा खत्म होने के थोड़ी देर बाद ही… बारिश भी होने लगी.. शायद यही वजह है कि इस तरह की पूजा पर आदिवासीयो की आस्था.. बरसो से कायम है…… दरअसल बीते दो साल से धमतरी के सिहावा क्षेत्र के किसान सूखे का सामना कर रहे है….. इस बार भी जब आसमान सूना सूना दिखने लगा… वर्षा के आसार घटने लगे… तो आदिवासीयों ने देवी देवताओ की शरण लेने का फैसला किया…. इस क्षेत्र में मान्यता है कि…. पहले भी सूखे के हालात में देवताओ को प्रसन्न कर के…. वर्षा करवाई जा चुकी है… आपको बता दे कि आराध्य देव भीमा और भीमाइन देवी का विवाह हुआ …. इस समारोह का करीब 30 साल के अंतराल के बाद आयोजन किया गया …. यहा सरई लकडी का भव्य मंडप सजाया गया था …. और इसके बाद आदिवासी रीति रिवाज से विवाह की रस्मे निभाई गई …. जानकारी के मुताबिक जिले के आखिरी छोर पर स्थित सिहावा. की पहचान…. महानदी के उद्गम.. श्रृंगी ऋषि आश्रम के साथ साथ.. यहा को जंगल और जंगल में रहने वाले आदिवासीयो से भी है….. आदिवासी समाज में देवी देवताओ का भी विशेष महत्व रहता है…. और इनकी आस्था ही समाज को एक सुत्र में बांध कर अनुशासित रखती है…. सिहावा में समाज के एक आह्वान पर आस पास के गांव के आदिवासी इकट्ठा हो गए… और सुबह से पूजा शुरू हुई जो देर शाम तक की गई… इस पूजा में नाच गाना भी शामिल था…. इस पूरे आयोजन के दौरान मेले जैसा माहौल था…. बच्चे से लेकर नवयुवक और बुजुर्ग इसमें शामिल हुए…. इरादा था देवताओ को प्रसन्न करने का.. जिससे वर्षा हो.. किसान के खेतो में फसल लहलहाए… आदिवासीयो का दावा था कि… जब जब सूखे के हालात बने.. इस तरह की पूजा से देवताओ ने वर्षा करवाई… इस बार भी ढाई पहर में वर्षा जरूर होगी.. और हुआ भी यही… सचमुच वर्षा शुरू हो गई…. मान्यता के मुताबिक ये परंपरा और आस्था आदि काल से चली आ रही है… और हर आजमाईश में खरी भी उतर रही है…. जिससे समय के साथ साथ समाज की आस्था और मजबूत भी होती जा रही है…. बहरहाल सिहावा में हुई पूजा के बाद धमतरी में फिर से वर्षा शुरू हो गई है… जो राहत की खबर है