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पेड़ों की कटाई रोकने सोगड़ा आश्रम की अनूठी पहल, ग्रामीणों को बाँटे जा रहे उन्नत इको चूल्हा

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जशपुर, 8 जुलाई 2018। दीन-दुखियों और मानवता की सेवा के लिए जाने जाना वाला सोगड़ा के बाबा भगवान राम ट्रस्ट पर्यावरण बचाने के लिए भी कई अनुकरणीय कार्य कर रहा है। आश्रम द्वारा जशपुर के आसपास जंगल किनारे बसे ग्रामीणों को उन्नत इको चुल्हा वितरित किए जा रहे हैं। आश्रम स्थित आश्रम में आज आधा दर्जन गांव के लोगों को यह चूल्हा दिया गया। इसकी खासियत यह है कि इसमें लकड़ी की खपत बहुत कम होती है और कम लकड़ी में ही इसमें एक परिवार का खाना आराम से पक जाता है। पतली-पतली लकड़ियों, सूखी डालियों से भी इसमें पर्याप्त आँच मिलती है। इसमें 45 कि0ग्रा0 तक के भार का बर्तन खाना पकाने हेतु एक समय में रखा जा सकता है।

ज्ञातव्य है, सोगड़ा आश्रम के अध्यक्ष पूज्यपाद बाबा गुरुपद संभव राम जी पर्यावरण को लेकर बेहद संजीदा रहते हैं। अपने हर उद्बोधनों या फिर चर्चा में जंगलों की कटाई पर चिंता व्यक्त करते हैं। इको चूल्हे का वितरण के पीछे उन्हीं की परिकल्पना है। गुरुपद संभव रामजी यह महसूस कर रहे थे कि जंगलों में खासकर सड़क किनारे के पेड़ साफ होते जा रहे हैं। इसको रोकने के लिए उन्होंने इको चूल्हा मंगवाया। बताते हैं, बाबा के किसी शिष्य ने इन उन्नत इको चूल्हों के बारे में बताया था। इसकी विषेशताओं से प्रभावित होकर पूज्यपाद बाबा गुरुपद संभव राम जी ने इसे जंगलों के किनारे रहने वाले ग्रामीणों के बीच वितरित करवाने का निर्णय लिया। इससे ग्रामीणों द्वारा जो भोजन निर्माण हेतु अत्यधिक मात्रा में लकड़ी का उपयोग किया जाता रहा है। उसमें भी कमी होगी जिससे जंगलों की भी रक्षा होगी और सुगमता पूर्वक उनका भोजन निर्माण भी हो जायेगा। आज आश्रम के प्रांगण में ग्राम नालापारा, सोगडा, चड़िया टुकुटोली, चडिया बडी बस्ती, चडिया बरटोली के ग्रामीणों के बीच 226 नग उन्नत ईको चूल्हा का वितरण किया गया।
ट्रस्ट द्वारा पूर्व में ही इस कार्यक्रम हेतु ग्रामीणों से सम्पर्क कर उन्हें ‘‘मन अम्बा खण्डा पतरा नू बचाबा‘‘ अर्थात वृक्ष न काटें, प्रकृति की रक्षा करें के स्लोगन के साथ उनके बीच जाकर इस कार्यक्रम के उद्देश्यों की जानकारी दी गयी थी।


एक संक्षिप्त कार्यक्रम में पूज्यपाद बाबा गुरुपद संभव राम जी की उपस्थिति में आश्रम परिसर में आज ग्रामीण एकत्रित हुये। समीर कुमार ने ग्रामीणों को सम्बोधित करते हुये बताया कि पूज्य बाबा संभव राम जी की ग्रामीण जनता के प्रति असीम दया एवं करूणा रही है एवं ग्रामीण बन्धु सुख से रहें तथा उनकी आने वाली पीढी भी सुख से रहे इसके लिये पूज्य बाबा हमेशा प्रयासरत रहते हैं। जंगलों में आग लगाने से एवं अन्धाधुंध लकडी काटने से मौसम में भी परिवर्तन हो रहा है, जिससे यह भय है कि आने वाले समय में वर्शा की कमी से यह क्षेत्र सूखा ग्रस्त न हो जाये। उन्होंने ग्रामीणों को बताया कि अगर आप अपने नाती-पोता अर्थात आने वाली पीढी को सुखी देखना चाहते हैं तो जंगल की रक्षा करें। इसी उद्देश्य से पूज्य बाबा संभव राम जी ने इन चूल्हों को खरीद कर आपके बीच वितरित करवा रहे हैं। लिहाजा, कम से कम लकडी का उपयोग कर अपना एवं आने वाली पीढी का जीवन सुखमय बनायें। इसके बाद तुरबान जी (मानस) ने विस्तार में ग्रामीणों को चूल्हे के उपयोग की विधि तथा उसके उचित रख-रखाव के बारे में बताया। इसके बाद सोगडा के पूर्व सरपंच सोहन राम ने क्षेत्रीय भाषा में कार्यक्रम के उद्देश्य एवं चूल्हे के उपयोग की विधि के बारे में बताया।


इसके पश्चात् पूज्यपाद बाबा जी के द्वारा ग्रामीणों को चूल्हा वितरित किया गया। इस अवसर पर पूर्व प्राचार्य एन0ई0एस0 महाविद्यालय जशपुर वी0एन0 उपाध्याय एवं पर्यावरणविद् शिवानन्द मिश्रा भी उपस्थित थे तथा इनके द्वारा भी कुछ ग्रामीणों के बीच चूल्हा वितरण किया गया।
प्रथम चरण के पश्चात् ट्रस्ट द्वारा आने वाले समय में अनेक ग्रामों में चूल्हा वितरण की योजना है। ग्रामीणों ने इस कार्य हेतु ट्रस्ट को और पूज्यपाद बाबा जी का हार्दिक आभार व्यक्त किया और जंगलों की रक्षा हेतु हर सम्भव प्रयत्न करने का भरोसा दिया।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में इन्द्रभूशण सिंह मिन्टू, अभिषेक शर्मा, गोल्डेन, सागर, मृत्युंजय, विजय सिन्हा एवं सोगडा आश्रम के अमरतीक, नीरज, संघर्ष साय, मनीष एवं अन्य स्वयंसेवकों के साथ-साथ बाबा भगवान राम ट्रस्ट के ट्रस्टी एवं आश्रम व्यवस्थापक कृष्ण कुमार टप्पू का सक्रिय योगदान रहा।