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एक बेटे की इंसाफ़ के लिए CM से गुहार…..हमले में घायल पिता को डॉक्टर कहते रहे नॉर्मल है सब, 15 घंटे में हो गई मौत

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अंबिकापुर,27 फ़रवरी 2018। हमले में घायल एक बूजूर्ग अस्पताल लाए गए, चिकित्सक आते रहे और यह कह कर वक़्त गुज़ारते रहे कि, चोटें सामान्य है, और पंद्रह घंटे में बूजुर्ग ने दम तोड़ दिया। सुबह जब पीएम हुआ तो पीएम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण गंभीर चोटें बताई गई। इस पूरे मामले में पुलिस ने पीएम रिपोर्ट के आधार पर ही 302 याने हत्या का अपराध दर्ज किया। पर इसके साथ ही मृतक के पूत्र ने इस समूचे घटनाक्रम में पिता को सामान्य चोटिल बताने वाले दो चिकित्सकों के विरुद्ध अपराध दर्ज किए जाने की माँग की है, मृतक के पुत्र का आरोप है कि, यदि चोट के अनुसार उपचार होता तो उसके पिता जीवित होते, उसने इस संबंध में कार्यवाही के लिए सीएम रमन और स्वास्थ्य सचिव को पत्र लिखा है।

 

पत्र में ब्यौरा है कि,बीते 13 फ़रवरी की सुबह करीब आठ बजे रघुनाथपुर से हमले में घायल प्रेम मिश्रा नामक बूजूर्ग को मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया, जहाँ इमर्जेंसी डॉक्टर ने एक इंजेक्शन लगा कर यह कहते हुए भर्ती करा दिया कि,ड्युटी डॉक्टर आएँगे तो देखेंगे,साढ़े दस पर डॉ भूटानी आए जिन्होंने एक्स रे रिपोर्ट के आधार पर पाया कि, दोनो पाँव टूट गए हैं,डॉ भूटानी ने प्लास्टर किया और मरीज से पूछा कि और कहीं चोट है तो उन्होने पेट पीठ सर और सीने में तकलीफ़ बताई,डॉ भूटानी ने तब कहा यह सर्जन देखेंगे।
आवेदन में उल्लेखित है कि,उस दिन डॉक्टर जे एक्का की ड्युटी थी जो आए ही नही, करीब ढाई से तीन बजे के बीच सर्जन डॉ अभिजीत आए और मरीज ने फिर शिकायतें बताई तो डॉ अभिजीत ने मरीज को छुआ और फिर वे यह कहते हुए चले गए कि,
“सब नॉर्मल है,घबराने की बात नही”
रात करीब साढ़े ग्यारह बजे घायल की मौत हो गई, सुबह पीएम हुआ तो पीएम रिपोर्ट में यह उल्लेख हुआ कि
“पसली टूट कर फेफड़े में घुसी थी,सर में ख़ून का थक्का जमा था,रीढ़ की हड्डी और पेट और बाँए हाथ में गंभीर चोट थी, जबकि दाहिने पाँव की हड्डी टूटी थी जबकि दूसरे पैर का घुटना टूटा था”
स्व प्रेम मिश्रा की पीएम रिपोर्ट का हवाला देते हुए प्रेम मिश्रा के पूत्र विकास ने NPG से कहा
“पीएम रिपोर्ट में मौत की वजह गंभीरतम चोट दर्ज है, पापा लगातार बता रहे थे तकलीफ़ है पर डॉक्टर ने कहा नही सब नॉर्मल है, पापा पर जानलेवा हमला हुआ, पर पापा की मौत में ये डॉक्टर भी उतने ही दोषी हैं, इलाज करते तो पापा ज़िंदा होते”
विकास ने पूरे मामले को सरगुजा कलेक्टर के जनदर्शन में दिया है और सीएम डॉ रमन कौन स्वास्थ्य सचिव को पत्र लिखा है।
विकास ने पूरे प्रकरण की मजिस्ट्रेट से जाँच कराकर दोषी चिकित्सकों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराए जाने और विभागीय कार्यवाही की माँग की है।

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