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Monday, October 22, 2018
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गड़बड़ी की शिकायतों पर मंत्री अमर अग्रवाल नाराज !….रायगढ़ निगम आयुक्त को शो-कॉज…सीसी रोड निर्माण की जांच के आदेश…दो टूक कहा- गुणवत्ता से समझौता करने वाले ठेकेदार होंगे ब्लैक लिस्टेड

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रायपुर, 14 मई 2018। नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अमर अग्रवाल ने रायगढ़ नगर निगम की तरफ से बनाये गये सीसी रोड निर्माण में गड़बड़ी के जांच करने के निर्देश दिए हैं। नगरीय प्रशासन विभाग के बिलासपुर के संयुक्त संचालक इसकी जांच कर राज्य सरकार को रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। अग्रवाल आज यहां नवीन विश्राम गृह में राज्य के नगर निगमों के आयुक्तों और नगर पालिका परिषदों के मुख्य नगरपालिका अधिकारियों की बैठक में गड़गड़ी की जानकारी मिलने पर इसे गंभीरता से लेते हुए जांच संबंधी यह निर्देश दिया।  ज्ञात हो कि अधोसंरचना मद के अंतर्गत रायगढ़ के विभिन्न वार्डों में स्वीकृत 4-5 सीसी रोड़ में टेण्डर के नियमों का पालन नहीं किए जाने सहित निर्धारित प्राक्कलन के अनुरूप सड़क निर्माण का कार्य नहीं किया गया है। उन्होंने रायगढ़ के निगम आयुक्त को इसके लिए शो-काज नोटिस जारी करने को भी कहा है।

बैठक में नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव डॉ.रोहित यादव, संचालक निरंजन दास, सूडा के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिनव अग्रवाल सहित संचालनालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
अमर अग्रवाल ने नगरीय निकायों के काम-काज की दो-दिवसीय बैठक के क्रम में पहले दिन आज नगर निगमों और नगरपालिकाओं में संचालित योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि निकायों में निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के साथ समझौता नहीं किया जाएगा। यदि परीक्षण में निम्न स्तर का निर्माण कार्य पाया गया तो संबंधित ठेकेदार को ब्लेक लिस्टेड किया जाएगा। इसके साथ ही उस इलाके के इंजीनियर के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने शहरों में विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत बनाए गए आवासों के आवंटन में विलंब होने पर नाराजगी जाहिर की और हर हाल में इन्हें 31 मई तक पात्र लोगों को आवंटित करने की समय-सीमा दी है।

शहरों में स्वीकृत जो काम किसी कारणों से दो साल में भी प्रारंभ नहीं हो पाए हैं, उन्हें निरस्त करके इसकी राशि राज्य सरकार को वापस की जाए। निरस्त काम के बदले में अपने स्तर पर कोई संशोधित काम का प्रस्ताव नहीं भेजा जाए।
अमर अग्रवाल ने शहरों में एलईडी सेवा प्रदान करने वाली कम्पनी के काम-काज पर गहरी नाराजगी जाहिर की। कम्पनी द्वारा विभिन्न शहरों में लगाई गए बल्ब और ट्यूबलाईटों में कम रोशनी आने के साथ ही रिपेयरिंग काम में अत्यधिक विलंब किया जा रहा है। उन्होंने बैठक में उपस्थित कम्पनी के प्रतिनिधि को अगले पन्द्रह दिनों के भीतर व्यवस्था दुरूस्त करने के सख्त निर्देश दिए। राज्य के कोरबा, अम्बिकापुर, रायगढ़ और धमतरी नगर निगमों में खासकर इसकी शिकायत ज्यादा पाई गई है। अग्रवाल ने नगर निगमों में कार्यरत राजस्व अधिकारियों को सीएमओ के रूप में पदस्थापना किए जाने पर रोक लगा दी है। उन्होंने कहा कि यदि आज की तारीख में उन्हें कहीं का प्रभार दिया गया है तो उन्हें उनके मूल जगहों पर वापस भेजा जाए। उन्होंने निकायों में अनुकम्पा नियुक्ति और पदोन्नति के प्रकरणों को भी समय-सीमा में निपटाने के निर्देश दिए।

अमर अग्रवाल ने बैठक में कहा कि पार्षद निधि और महापौर निधि के अंतर्गत विकास कार्यों की अनुशंसा उस वित्तिय वर्ष के आखिरी दिन अर्थात 31 मार्च तक अनिवार्य रूप से हो जाने चाहिए। अन्यथा इस मद की राशि को अधोसंरचना अथवा आईडियल मद में परिवर्तित कर जनहित के काम लिए जाएंगे। उन्होंने राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के अंतर्गत राजनांदगांव और अम्बिकापुर में ठीक से प्रगति नहीं होने पर अप्रसन्नता जाहिर करते हुए उनके सीईओ के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। मंत्री नेे शहरी जनता की समस्याओं के निराकरण के लिए संचालित ‘निदान 1100’ की भी समीक्षा की और कम रेटिंग वाले निगमों को अपनी कार्य-प्रणाली में सुधार करने की हिदायत दी। विशेषकर नगर निगम भिलाई, रायपुर, राजनांदगांव, रायगढ़ को इस योजना में सी अथवा डी रेटिंग मिला है जबकि अम्बिकापुर ए रेटिंग के साथ राज्य में अव्वल बना हुआ है।

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