Home विविध सीएम शिवराज ने फिर कहा- मध्यप्रदेश में शिक्षाकर्मियों का संविलियन शिक्षा विभाग...

सीएम शिवराज ने फिर कहा- मध्यप्रदेश में शिक्षाकर्मियों का संविलियन शिक्षा विभाग में ही होगा, पदनाम शिक्षक होगा….रेगुलर शिक्षक का पदनाम बदलेगा… छत्तीसगढ़ में शिक्षाकर्मी नेताओं ने कहा- अब छग में देर नहीं होनी चाहिये

1150
0

भोपाल 14 मई 2018। …. छत्तीसगढ़ के शिक्षाकर्मियों के संविलियन की मांगों को के लिहाज से आज का दिन बहुत बड़ा कहा जा सकता है। बड़ा इस लिहाज से, क्योंकि जिस मध्यप्रदेश की नियमावली को आदर्श मानकर छत्तीसगढ़ की हाईपावर कमेटी एमपी का दौरा कर रही है…और बार-बार मध्यप्रदेश के शिक्षाकर्मियों के मुद्दे पर नियमों का जिक्र खुद मुख्यमंत्री रमन सिंह भी कर रहे हैं….वहां आज मध्यप्रदेश में शिक्षाकर्मियों के संविलियन की अगर-मगर की पूरी आशंकाएं खत्म हो गयी है। पक्का हो गया है कि मध्यप्रदेश में शिक्षाकर्मियों का संविलियन शिक्षा विभाग में ही होगा और वो शिक्षक ही बनेंगे !….मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का आज एक बार फिर ये एलान सार्वजनिक मंच पर किया है।

मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह चौहान का ये बयान छत्तीसगढ़ के 1.80 लाख शिक्षाकर्मियों के संविलियन की मांगों के लिए भी किसी संजीवनी से कम नहीं है। माना जा सकता है कि शिवराज सिंह चौहान के इस बयान के बाद छत्तीसगढ़ के शिक्षाकर्मियों के सविलियन का भी रास्ता खुल जायेगा। ऐसा, इसलिए क्योंकि छत्तीसगढ़ में शिक्षाकर्मियों की मांगों को लेकर हाईपावर कमेटी भी मध्यप्रदेश का दौरा कर रही है और खुद मुख्यमंत्री ने माना है कि मध्यप्रदेश के नियमावली का अध्ययन कर हाईपावर कमेटी आयेगी, तो सकारात्मक फैसला लिया जायेगा।

शिवराज सिंह चौहान के आज के ऐलान की एक और खास बातें ये है कि उन्होंने समस्त आध्यापकों के संविलियन की बाद बात कही है…जाहिर है छत्तीसगढ़ में 8 साल से कम वालों का संविलियन ना होने और 8 साल की सेवा पूरी कर लेने वाले का ही संविलियन करने की बात की अफवाहें जो उड़ रही थी, इस ऐलान के बाद वो अब छत्तीसगढ़ में संपूर्ण शिक्षाकर्मियों के संविलियन की मांगों में मजबूती हो जायेगी।

जाहिर है, अब छत्तीसगढ़ के शिक्षाकर्मियों की मांगों में वो मजबूती आ जायेगी, जो अब मध्यप्रदेश में संविलियन को लेकर गहराये असमंजस की वजह से कमजोर पड़ रहा था। आज 10वीं-12वीं के परिणाम से गदगद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंच पर अपने किये वादे को दोहराते हुए पुराने शिक्षकों के सीनियरिटी को लेकर भी उठ रही आशंकाओं को शांत कर दिया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि

“इसलिए मैंने कह दिया है अब अध्यापक नहीं रहेंगे, सब शिक्षक बनेंगे, सब अध्यापक का संविलियन शिक्षा विभाग में कर दिया जायेगा, एक कैडर, एक व्यवस्था, ऐसा फैसला किया है हमने… और जो पुराने शिक्षक हैं, उन्हें भी मैं आश्वस्त करना चाहता हूं, कि उनके मन में ये भाव था कि अध्यापक अगर शिक्षक बन गये, तो हमारी सीनियरिटी का क्या होगा, उनका रास्ता भी हम निकाल रहे हैं, … शिक्षकों की सीनियरिटी बनी रहेगी, उनकी व्यवस्था हम कर रहे हैं, उनका पदनाम बदलकर उनकी वरीष्ठता को बरकरार रखा जायेगा,”

मध्यप्रदेश में संविलियन के मुद्दे पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के आये बयान के बाद मोर्चा के प्रांतीय संचालक वीरेंद्र दुबे ने कहा है कि

“मप्र के मुख्यमंत्री जी ने संविलियन की घोषणा पश्चात आज फिर कैडर और वरिष्ठता पर बड़ा बयान देकर संविलियन में मार्ग को प्रशस्त किया है,आखिरकार छग पीछे क्यों.? अब तो ना कैडर का झंझट ना ही वरिष्ठता का। अब छग में संविलयन के लिए कोई कोताही नही बरतनी चाहिए। जल्द ही समस्त शिक्षाकर्मियों का संविलियन हो”

वहीं प्रांतीय उपसंचालक जितेंद्र शर्मा ने कहा है कि

“राजस्थान और मध्यप्रदेश का दौरा समाप्त हो गया, कमेटी का कार्यकाल भी समाप्त हो गया, मप्र में संविलियन की घोषणा हो गई, कैडर और वरिष्ठता के मामले भी समाप्त हो गए पर छग में अभी भी कमेटी कमेटी का खेल खेला जा रहा है। अब समय व्यर्थ ना करें अन्यथा शिक्षाकर्मियों का आक्रोश बढ़ते ही जायेगा। ए दारी केवल संविलयन के बारी। अब देर करना अगाह्य है, अविलम्ब संविलयन हो”

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

16 − six =