IAS गोपीनाथ ने इस्तीफा दिया….2012 बैच के थे अफसर….इस्तीफे पर बोले – कहा- बोलने और सवाल करने की आजादी खत्म हो गई थी… देखिये इस्तीफे में क्या लिखा

अहमदाबाद 24 अगस्त 2019। आईएएस गोपीनाथ कन्नन ने भारतीय प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा दे दिया है। वह अभी संघ प्रदेश दादरा नगर हवेली में तैनात थे। कन्नन केरल के कोट्टयम के रहने वाले हैं। गोपीनाथ 2012 बैच के AGMUT कैडर के IAS अधिकारी हैं।  वह 2010 की सिविल सेवा परीक्षा में शीर्ष पर रहे भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी शाह फैसल के बाद सबसे कम उम्र में अपनी सर्विस से इस्तीफा देने वाले देश के दूसरे आईएएस अधिकारी बन गए हैं। बता दें कि गोपीनाथ कन्नन इस समय पावर एंड नॉन कन्वेंशनल ऑफ एनर्जी के सेक्रेट्री पद पर अपनी सेवा दे रहे थे।

IAS अधिकारी Kannan Gopinathan के इस्तीफे का कारण क्या?

गोपीनाथ कन्नन संघ प्रदेश दादरा नगर हवेली और दमण-दीव के विद्युत सचिव के पद पर काम कर रहे थे। विद्युत सचिव का पदभार संभालने के बाद पहली बार ऐसा हुआ कि उन्होंने रिकॉर्ड तोड़ बिजली बिल बकाया की वसूली की थी और घाटे में चल रहे डीएनएचपीडीसीएल और विद्युत विभाग को नई पटरी पर लाने का काम किया था। अभी कुछ दिन पहले विद्युत विभाग के आंकड़े भी उन्होने सोशल मीडिया के जरिये जनता के सामने रखे थे। लेकिन 21 अगस्त को उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा से त्यागपत्र देकर सभी को चौंका दिया है। एक IAS अधिकारी का इस तरह त्याग पत्र प्रशासन पर कई सवाल उठा रहा है वही दूसरी और जनता विद्युत विभाग के कार्यपालक मिलिंद इंगले को याद कर रही है। मिलिंद इंगले विद्युत विभाग के कार्यपालक है उनके पास दमण-दीव और दादरा नगर हवेली दोनों प्रदेशों का प्रभार है ऐसे में जनता में एक चर्चा और सवाल यह भी है की कही गोपीनाथ कन्नन के इस्तीफे कि वजह विद्युत विभाग तो नहीं? कारण क्या है वह तो IAS गोपीनाथ कन्नन को पता होगा या फिर प्रशासन ही इस्तीफे का कारण बता सकती है।

Ads

Ads

कन्नन पहचान छिपाकर दिन-रात बाढ़ पीड़ितों की थी मदद
पिछले साल केरल में आई भीषण बाढ़ के दौरान गोपीनाथ चर्चा में आए थे। तब उन्होंने अपनी पहचान छुपाकर आठ दिनों तक केरल में बाढ़ पीड़ितों की मदद की थी। गोपीनाथ 26 अगस्त को केरल मुख्यमंत्री राहत कोष में देने के लिए दादरा नगर हवेली की ओर से एक करोड़ रुपए का चेक देने केरल पहुंचे थे। लेकिन चेक सौंपने के बाद वापस लौटने की बजाय कन्नन ने वहीं रुककर अपने लोगों की मदद करने का फैसला किया। यहां वह अलग-अलग राहत शिविरों में सेवा देते रहे। इस दौरान उन्होंने किसी को जाहिर नहीं होने दिया कि वह दादरा नगर हवेली के जिला कलेक्टर हैं। उन्होंने राहत सामग्री अपने कंधे पर रखकर लोगों तक पहुंचाई थी। इस दौरान उनकी खूब प्रशंसा हुई थी। सोशल मीडिया पर लोग उन्हें असली हीरो कहने लगे थे।

चुनाव के दौरान भी चर्चा में रहे
गोपीनाथ पिछले लोकसभा चुनाव में उन्होंने केंद्रीय चुनाव आयोग से अपने से बड़े अधिकारियों की शिकायत की थी कि उन्हें प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। इसके बाद उनको कलेक्टर पद से हटाकर दूसरे विभाग की जिम्मेदारी दे दी थी।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.