आरक्षण पर भाजपा की चुप्पी पर CM भूपेश का कटाक्ष…..पूछा- खामोश क्यों हैं बीजेपी के शीर्ष नेता….क्या वो इस बढ़ोत्तरी के विरोध में है ?…या फिर समर्थन में…..पुनिया ने भी सीएम भूपेश के फैसले की जमकर तारीफ

रायपुर 19 जुलाई 2019। आरक्षण बढ़ोत्तरी के बाद से भाजपा के शीर्षस्थ नेताओं की चुप्पी पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सवाल उठाया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पूछा है कि आखिर भाजपा ये क्यों स्पष्ट नहीं कर रही है कि वो आरक्षण की बढ़ोत्तरी पर खुश है या निराश। मुख्यमंत्री ने कहा कि

“15 अगस्त को हमने घोषणा की थी, उसके बाद से भारतीय जनता पार्टी की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। डॉ रमन सिंह, कौशिक जी या फिर विक्रम उसेंडी जी का कोई बयान नहीं आया है। क्या वो पिछड़ा वर्ग को 27 परसेंट मिले आरक्षण का समर्थन करते है या नहीं। ये प्रमुख राजनीतिक विपक्ष दल है उन्हें इस मामले में बोलना चाहिए”

आरक्षण को लेकर पुनिया ने कहा कि जो मुख्यमंत्री ने आरक्षण दिया है वो संविधान के अनुरूप है। सभी राज्यों में पिछड़े वर्ग के लिए 27 परसेंट आरक्षण का प्रावधान किया गया है, लेकिन तब की सरकार ने इसकी उपेक्षा की। 50 परसेंट जनसंख्या पूरे देश मे उपलब्ध है यहां पर इनको केवल 14 परसेंट आरक्षण देकर रखा हुआ था। पुनिया ने सरकार के कदम की सराहना करते हुए कहा कि यहां पर सरकार ने इसको बराबर किया है। यहां पर अनुसूचित जाति को उनकी जनसंख्या के अनुरूप आरक्षण दिया गया। अभी तक अनुसूचित जाति का आरक्षण 12 परसेंट था, जिसे सरकार ने बढ़ाकर ऐतिहासिक काम किया।

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वहीं मोहन भागवत के आरक्षण को लेकर दिए बयान पर प्रदेश प्रभारी पुनिया ने कहा कि भाजपा की नीति शुरू से ही अलगाववाद की रही है। भाजपा हमेशा ये चाहती है कि किसी तरह से आरक्षण खत्म कर दिया जाये। पुनिया ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की शुरू से ये नीति रही है कि संविधान में दिए आरक्षण का विरोध किया जाए और इसे खत्म किया जाए। इसके पहले भी मोहन भागवत ने बयान दिया था कि आरक्षण खत्म होना चाहिए, ये अलगावाद को बढ़ावा देता है। भारतीय जनता पार्टी और आरएसएस को ये सोचना चाहिए कि समाज में भी ऐसे वर्ग हैं जो अन्य से पिछड़े हैं तो इन्हें भी बराबर मान दिया जाए ये संविधान में भी है। यही कांग्रेस की भी सोच है।

 

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