डोपिंग मामले में फंसीं संजीता चानू, IWF ने लगाया अस्थाई प्रतिबंध….

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नई दिल्ली 31 मई 2018. दो बार राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्णपदक विजेता भारोत्तोलक संजीता चानू को प्रतिबंधित दवाओं के सेवन का दोषी पाया गया है। इसके बाद उनपर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया गया है। अंतरराष्ट्रीय भारोत्तलन संघ की रिपोर्ट के अनुसार संजीता चानू के सैंपल में प्रतिबंधित एनाबोलिक स्टेरॉइड( टेस्टेस्टोरेन) के अंश पाए गए हैं। ऐसे में उनपर डोपिंग के नियमों के उल्लंघन के मद्देनजर अस्थाई रूप से प्रतिबंध लगा दिया गया है। संजीता ने अप्रैल में ऑस्ट्रेलिया के गोल्डकोस्ट में आयोजित 21वें राष्ट्रमंडल खेलों में 53क्रिग्रा भार वर्ग में स्वर्णपदक जीता था।

मणिपुर की 24 वर्षीय भारोत्तोलक पर प्रतिबंध लगाते हुए आईडब्ल्यूएफ ने यह बात स्पष्ट नहीं की है कि उनका जो नमूना पॉजिटिव पाया गया है वह कब और कहां कलेक्ट किया गया था। यदि आगे जांच में यह पाया जाता है कि उन्होंने डोपिंग के नियमों का उल्लंघन नहीं किया है तो प्रतिबंध को खत्म किया जा सकता है। इसके अलावा आईडब्लूएफ ने इस मामले में और कोई टिप्पणी  नहीं की है।

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गोल्ड कोस्ट में संजीता ने 53किग्रा स्पर्धा के दौरान में लिफ्ट में  84 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 108 किग्रा सहित कुल 192 किग्रा वजन उठाकर नया रॉष्ट्रमंडल खेल रिकॉर्ड स्थापित किया था। यदि जो सैंपिल पॉजिटिव पाया गया है वह 21वें राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान का हुआ तो संजीता को स्वर्ण पदक गंवाना पड़ सकता है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय भारोत्तोलन संघ उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए लंबा प्रतिबंध लगा सकता है जिसके कारण वह जकार्ता में होने वाले एशियाई खेलों में हिस्सा नहीं ले पाएंगी। इसके अलावा उनकी ओलंपिक दावेदारी पर भी सवाल खड़े हो जाएंगे।

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