सोमवार को डाक्टर्स रहेंगे हड़ताल पर ….. मारपीट के विरोध में अब तक 300 से ज्यादा डाक्टर्स दे चुके हैं इस्तीफा… एम्स के डाक्टरों ने दिया 48 घंटे का अल्टीमेटम

कोलकाता/नयी दिल्ली 15 जून 2019  : कोलकाता के एनआरएस मेडिकल कॉलेज में दो जूनियर डॉक्टरों की सोमवार को बेरहमी से पिटाई मामले को लेेकर डॉक्टरों के आंदोलन की आंच अब देशव्यापी होने लगी है. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) ने आंदोलनरत डॉक्टरों के प्रति एकजुटता जताते हुए शुक्रवार से तीन दिन के राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन के साथ सोमवार, 17 जून को हड़ताल का आह्वान किया है. इस दौरान आपात सेवाएं बहाल रहेंगी. वहीं, शुक्रवार को दिल्ली में सरकारी एवं निजी अस्पतालों के चिकित्सकों ने कोलकाता में आंदोलनरत अपने साथियों के प्रति एकजुटता जताने के लिए मार्च निकाला. ज्ञातव्य है कि पिटाई के बाद एक डॉक्टर कोमा में चला गया था. जिसकी बाद में मौत हो गई थी.

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आईएमए ने अस्पतालों में डॉक्टरों के खिलाफ होने वाले हिंसा की जांच के लिए कानून बनाए जाने की मांग की है. संगठन का कहना है कि इसका उल्लंघन करने वालों को कम से कम  सात साल जेल की सजा का प्रावधान होना चाहिए. वहीं, बंगाल में अब तक 300 डॉक्टर इस्तीफा दे चुके हैं, जिसमें कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल के 175 डॉक्टरों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा दिया है. जूनियर डॉक्टरों के जॉइंट फोरम के प्रवक्ता डॉ.अरिंदम दत्ता ने हड़ताल वापस लेने के लिए सीएम बनर्जी के सामने छह शर्तें रखी हैं. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को आंदोलनकारी जूनियर डॉक्टरों को राज्य सचिवालय में बैठक के लिये बुलाया जिसे डॉक्टरों ने यह कहते हुए ठुकरा दिया कि यह उनकी एकता को तोड़ने की एक चाल है.

एम्स डाक्टर्स असोसिएशन ने कहा है कि हम पश्चिम बंगाल सरकार को हड़ताल कर रहे डॉक्टरों की मांगों को पूरा करने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दे रहे हैं। अगर सरकार नाकाम रहती है तो हमें एम्स में अनिश्चितकालीन हड़ताल करने पर मजबूर होना पड़ेगा।

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