संविलियन की खुशी इन शिक्षकों के लिए हो गयी दुखदायी….. विभाग की लापरवाही से न संविलियन आदेश मिला, न वेतन और न ही एम्पलाई आईडी!…..शिकायत पर कलेक्टर ने दिये ऐसे निर्देश….कि अब जल्द मिलने लगेगी खुशखबरी

सूरजपुर 29 अगस्त 2019। प्रदेश में पंचायत विभाग के शिक्षाकर्मियों की दुर्दशा किसी से छिपी नहीं है । जन घोषणा पत्र के मुताबिक 2 वर्ष की सेवा पूर्ण करने वाले शिक्षाकर्मियों के संविलियन का निर्णय तो सरकार ले नहीं सकी है अब जो पुराने सरकार के द्वारा तय किए गए नियम के अनुसार 8 वर्ष की सेवा पूर्ण करने के बाद संविलियन के दायरे में पहुंच रहे हैं उनके लिए भी विभाग गंभीर नहीं है, यही कारण है कि प्रदेश के अधिकांश जिलों में 1 जुलाई 2019 को संविलियन की सौगात पाने वाले शिक्षाकर्मियों को वेतन का भुगतान अभी तक नहीं हो सका है जबकि जुलाई के वेतन का भुगतान 1 अगस्त से पहले ही हो जाना था लेकिन अब अगस्त माह खुद समाप्ति पर आ चुका है बावजूद इसके शिक्षकों को वेतन का भुगतान नहीं किया गया है।

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यही नहीं, कई जिलों में तो अभी तक कर्मचारी कोड तक जनरेट नहीं किया गया है और संविलियन आदेश का तो पूछिए ही मत राज्य भर के व्याख्याता डीपीआई की ओर नजरें गड़ाए बैठे हैं कि उनका संविलियन आदेश जारी होगा लेकिन आज 2 माह गुजरने के बावजूद अभी तक संविलियन आदेश डीपीआई द्वारा जारी नहीं किया किया गया है जबकि यह पिछले माह ही जारी हो जाना था……. कुल मिलाकर लंबे संघर्ष के बाद संविलियन की सौगात पाने वाले शिक्षाकर्मियों की खुशी अब काफूर हो चुकी है और वह समझ नहीं पा रहे हैं कि यह सौगात है या सजा क्योंकि त्योहार के मौसम में वेतन तक न मिलना कितनी बड़ी सजा है इसे कोई भी समझ सकता है ।

सूरजपुर के शिक्षाकर्मियों ने अब कलेक्टर के समक्ष इस पूरे मामले को लेकर गुहार लगाई है जिसके बाद आनन-फानन में मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने पत्र जारी कर सभी विकास खंड शिक्षा अधिकारियों से इस संबंध में जानकारी मांगी है की कुल कितने शिक्षाकर्मियों का संविलियन 1 जुलाई 2019 को होना प्रस्तावित था और उनमें से कितने कर्मचारियों का एंपलाई आईडी जनरेट हो चुका है और कितने का बाकी है अब देखना होगा इस पत्र के बाद सूरजपुर के शिक्षाकर्मियों को राहत मिल पाती है या फिर यह भी एक आम शासकीय पत्र की तरह ही साबित होता है ।

कलेक्टर दीपक सोनी तक जब ये शिकायत पहुंची, तो उन्होंने तत्काल इस मामले पर संज्ञान लिया। इस मामले में NPG को लेकर कलेक्टर दीपक सोनी ने बताया कि …

“मुझे जैसे ही ये सूचना मिली, मैंने तत्काल ट्रेजरी से जानकारी मंगवायी, साथ ही विभाग को भी इस बात का निर्देश दिया कि शिक्षकों को वेतन भुगतान की व्यवस्था की जाये, विभाग की तरफ से शिक्षकों का इमप्लाई आईडी नंबर जेनरेट करने का काम पूरा  हो गया है, अब जल्द ही उनके वेतन भुगतान की प्रक्रिया भी शुरू हो जायेगी”

इस मुद्दे पर संविलियन से वंचित शिक्षाकर्मियों के मुद्दे को लेकर मुखर रहने वाले शिक्षाकर्मी नेता विवेक दुबे ने कहा है की

यह बहुत दुर्भाग्य की बात है कि संविलियन की खुशी भी शिक्षाकर्मियों के हिस्से में नहीं आ रही है । 8 साल की सेवा अवधि पूर्ण करने वाले शिक्षाकर्मी 1 जुलाई 2019 को अपने संविलियन को लेकर जितने उत्साहित हैं वह पूरी तरह निराशा में बदल चुका है क्योंकि न तो संविलियन आदेश राज्य से जारी हुआ है और न ही वेतन मिल रहा है । स्थानीय अधिकारी नियमों का हवाला देकर वेतन तक नहीं बना रहे हैं और बार-बार गुहार लगाने के बावजूद सुनवाई नहीं हो रही है कुल मिलाकर अराजकता की स्थिति निर्मित हो रही है । ऐसे में कोई शिक्षक विद्यालय में अपना शत प्रतिशत योगदान कैसे देगा जब उसी के घर में हाहाकार मचा हुआ है आखिर बिना वेतन भुगतान के कर्मचारी अपने परिवार का पालन पोषण कैसे करेंगे क्या यह भी बताने की जरूरत है ….. जरूरत है इस बात की कि शासन-प्रशासन तत्काल इस विषय को संज्ञान में लें और पूरे प्रदेश के ऐसे शिक्षकों को जो संविलियन कि प्रक्रिया पूर्ण न होने के चलते वेतन भुगतान से वंचित रह गए हैं उन्हें वेतन भुगतान कराएं और बाकी कागजी कार्रवाई तत्काल संपन्न हो साथ ही साथ लेटलतीफी करने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई हो।

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