शिक्षाकर्मी की मौत मामले में हाईकोर्ट का बड़ा आदेश…. 15 लाख रुपये शिक्षक के परिवार को दे सरकार….2009 में SDM से विवाद के बाद शिक्षक को भेजा गया था जेल

बिलासपुर 20 जुलाई 2019। शिक्षाकर्मी की मौत मामले में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के खिलाफ बड़ा आदेश जारी किया है। शिक्षाकर्मी की मौत के लिए राज्य सरकार को हाईकोर्ट ने 15 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश जारी किया है। मामला केंद्रीय जेल बिलासपुर में हुई शिक्षाकर्मी की मौत का है। दो माह के भीतर मुआवजा नहीं देने पर मृतक के परिजनों को 9 प्रतिशत ब्याज़ के साथ मुआवजा देना होगा. हाईकोर्ट ने कहा कि अगर शासन चाहे तो मुआवजा की राशि दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई के दोषी तहसीलदार और एसडीएम दोनों से वसूल कर सकती है।

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ये मामला कोर्ट जस्टिस गौतम भादुड़ी के सिंगल बेंच में लगा था. मामला बीते 4 अप्रैल 2009 का है. पथरिया निवासी शिक्षक विजय कुमार डड़सेना को एसडीएम और तहसीलदार ने जेल भेजा था. बिलासपुर जेल में पिटाई से विजय की हुई मौत हुई थी. मृतक की माँ केशर बाई और पिता रामखिलावन ने कोर्ट में याचिका लगाई थी। 

जनपद पंचायत पथरिया में पदस्थ शिक्षाकर्मी विजय डडसेना ने मतदान के पहले प्रशिक्षण बैठक में हिस्सा लिया था। बैठक के दौरान विजय डडसेना का एसडीएम से विवाद हो गया था। एसडीएम के निर्देश पर पुलिस ने विजय डडसेना को जेल भेज दिया था। विजय की गिरफ्तारी की जानकारी परिजनों को भी नहीं दी गई और उसकी जमानत याचिका भी खारिज कर दी गई। परिजनों को जब पता चला की विजय जेल में है तो वो सेंट्रल जेल पहुंचे, लेकिन जेल प्रबंधन ने बताया कि विजय अस्पताल में भर्ती है।

अस्पताल में पहुंचने पर विजय के परिजनों को पता चला कि विजय की मौत हो चुकी है। शिकायत के बाद मामले की मजिस्ट्रियल जांच कराई गई जिसमें विजय के शरीर पर चोट के 11 निशान पाए गए थे। इसके बाद मृतक शिक्षाकर्मी के माता और पिता ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। हाईकोर्ट ने ये पाया कि शासन द्वारा बनाया गया जवाब बनावटी है और मामूली धारा में भी जानबूझकर जमानत नहीं दी गई थी।

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