शिक्षाकर्मियों के GOOD NEWS :… बिना इजाजत भी निम्न से उच्च पद पर गये शिक्षाकर्मियों को मिलेगा पुनरीक्षित वेतनमान….पंचायत विभाग ने आदेश किया जारी …. पंचायत विभाग के अपने ही आदेश पर क्यों लेना पड़ा “U” टर्न…इसी मामले को लेकर उठी चंदाखोरी की बात

रायपुर 2 अगस्त 2018। निम्न से उच्च पदों पर गये शिक्षाकर्मियों के लिए बहुत राहत की खबर है। पंचायत विभाग ने इजाजत और बिना इजाजत दोनों तरह के शिक्षाकर्मियों की सेवा गणना में बड़ी छूट दी है। विभाग ने निम्न पदों पर किये सेवा अवधि को जोड़ते हुए सेवा गणना का आदेश जारी किया है। जिसके तहत वैसे शिक्षक, जो निम्न पद से उच्च पद पर गये हैं…भले ही उन्होंने अनुमति ली हो या ना ली हो, उनकी निम्न पदों पर की गयी सेवा अवधि को जोड़ते हुए 8 वर्ष सेवा पर पुनरीक्षित वेतनमान का लाभ देने का आदेश जारी किया है।

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जाहिर है इस आदेश के बाद पुनरीक्षित वेतनमान के साथ कई संविलियन के हकदार हो जायेगे। हालांकि ये शिक्षा विभाग ने अपने संविलियन के आदेश में इस बात की छूट पहले ही दे दी थी, कि जिन्होंने निम्न से उच्च पदों पर जाने के लिए अनुमति भले ना ली हो, उन्हें भी अनुमति लिया मान लिया जाये…लिहाजा उनका संविलियन तो हो गया था, लेकिन उन्हें पुनरीक्षित वेतनमान पंचायत विभाग की तरफ से नहीं मिल पाया था।

निम्न से उच्च पदों पर गये अनुमति के साथ गये शिक्षकों को पुनरीक्षित वेतनमान के साथ नया वेतन मिला था, जबकि बिना अनुमति वालों को विभागीय आदेश ना होने की वजह से बिना पुनरीक्षित वेतनमान से नया वेतन मिला था..लेकिन अब इस आदेश के बाद वेतन का अंतर अब खत्म हो जायेगा। और सितंबर में जो उन्हें नया वेतन मिलेगा, वो अनुमति से साथ उच्च पदों पर गये शिक्षकों के बराबर ही मिलेगा।

हालांकि इस मामले में एक शर्त ये जोड़ी गयी है कि ये आदेश न्यायालय के अध्ययीन होगा। ऐसा इसलिए लिखा गया है कि राज्य सरकार ने बिना अनुमति निम्न से उच्च पदों पर गये शिक्षाकर्मियों को सिंगल बैच के आये फैसले को डबल बैंच में चैलेंज किया है। जाहिर है कोर्ट अगर सरकार के खिलाफ फैसला देती है, तो ये आदेश बदल सकता है।

डबल बैंच में राज्य सरकार ने किया है चैलेंज

दरअसल निम्न से उच्च पद पर गये शिक्षाकर्मियों का मसला हाईकोर्ट पहुंचा था, जहां बिना इजाजत उच्च पदों पर गये शिक्षाकर्मियों ने याचिका दायर की थी, जिस पर हाईकोर्ट की सिंगल बैंच ने शिक्षाकर्मियों के पक्ष में फैसला दिया था। इस आदेश के बाद शिक्षाकर्मियों को पुनरीक्षित वेतनमान का लाभ मिलने लगा था..लेकिन इसी बीच सरकार ने इसे डबल बैंच में चैलेंज कर दिया, जिसके बाद शिक्षाकर्मियों को लाभ मिलना बंद हो गया था।

पंचायत विभाग ने अपने ही आदेश के खिलाफ ये आदेश क्यों निकाला

पंचायत विभाग ने कुछ दिन पहले ही सभी जिला पंचायत सीईओ को आदेश जारी कर कहा था कि राज्य सरकार ने निम्न से उच्च पदों के मामले में डबल बैंच में चैलेंज कर दिया है। जाहिर है इस आदेश का तात्पर्य यही था कि कोर्ट के फैसले आने तक पुनरीक्षित वेतन दिये जाने की प्रक्रिया रद्द रखी जाये, लेकिन आज अचानक से पंचायत विभाग ने अपने पूर्व आदेश के उलट फैसला दिया है। इस आदेश के बाद दबी जुबान में कई सारे सवाल भी उठ रहेहैं। क्योंकि ये वही प्रकरण था, जिसे लेकर चंदाखोरी का एक लेटर सार्वजनिक हुआ था।

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