शिक्षाकर्मियों का मुद्दा गूंजा सदन में :…. नेता प्रतिपक्ष ने पूछा – क्यों पूरी नहीं हुई शिक्षाकर्मियों की मांग, क्यों नहीं किया उनके लिए बजट में प्रावधान…. शिक्षाकर्मी के मुद्दे पर भाजपा-कांग्रेस के विधायकों ने चर्चा के दौरान क्या कुछ कहा… पढ़िये

रायपुर 12 फरवरी 2019। बजट की सामान्य चर्चा में आज शिक्षाकर्मियों की भी कई दफा जिक्र हुआ। भाजपा विधायकों ने शिक्षाकर्मियों की मांगों पूरा ना करने को लेकर सदन में सरकार को घेरा। बजट के खिलाफ चर्चा में हिस्सा लेते हुए नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने पूछा कि शिक्षाकर्मियों और पुलिसकर्मियों की मांगों को सरकार ने पूरा क्यों नहीं किया। उन्होंने बजट पर सामान्य चर्चा के दौरान कहा कि…

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“लाभ का बजट है, तो पुलिस की मांगें, शिक्षाकर्मी की मांगे पूरी क्यों नहीं हुई? इनके लिए बजट में प्रावधान क्यों नहीं किया गया”

धरमलाल कौशिक ने कहा कि पुलिस का राजनीतिकरण हो गया है। रात को डेढ़ बजे FIR दर्ज किया जा रहा है। कानून व्यवस्था लचर हो गयी है। पुलिस की सक्रियता कम हो गई है पुलिस राजनीतिक दुश्मनों के खिलाफ FIR करने में लगी है।

वहीं मस्तूरी से विधायक कृष्णमूर्ति बांधी ने कहा कि

“हम सोच रहे थे बजट में कुछ नया होगा पर कुछ भी नहीं है… जनता को ठगा गया है… बेरोजगार छला महसूस कर रहे.. शिक्षाकर्मी ठग महसूस कर रहे, यूनिवर्सल हेल्थ का जमीन पर कोई अस्तित्व नही, स्मार्ट कार्ड बंद कर दिया, लोग परेशान है”

हालांकि भाजपा विधायकों के आरोपों का जवाब सत्ता पक्ष की तरफ से भी उसी तरह से मिला। विधायक बृहस्पत सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार में शिक्षा की दुर्गति कर दी गयी थी.. यहां तक की शिक्षाकर्मियों को आंदोलन करना पड़ा… आउटसोर्सिंग से शिक्षकों की भर्ती की गयी, उसमें से भी कमीशन खाया जाता था। वहीं बिलासपुर के विधायक शैलेश पांडेय ने कहा कि पिछली सरकार में किसानों और आदिवासियों पर अत्याचार हुआ। नयी सरकार ने इस दिशा में अच्छा काम किया है। शिक्षा का स्तर सुधारने का उनकी सरकार प्रयास कर रही है, जबकि पिछली सरकार ने तो 3 हजार स्कूल बंद कर दिये थे। वहीं कॉलेज में रोजगार मूलक कोर्स शुरू किया गया है।

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