शिक्षकों की रिलिविंग में एवजीदार की शर्त ने फैलाया था भ्रम…. अब डीईओ ने किया निर्देश को स्पष्ट… बताया सिर्फ उन शिक्षकों के लिए ही होगा एवजीदार का नियम…जिनका

जांजगीर 31 अगस्त 2019। शिक्षा विभाग का हर जिला अपने-अपने हिसाब से नया-नया नियम बना लेता है। बिलासपुर में तबादले के बाद डीईओ ने ज्वाइनिंग के लिए पृष्ठांकन का नायाब फरमान निकाल दिया, तो जांजगीर में एवजीदार आने तक जिले से बाहर शिक्षकों को स्थानांतरित नहीं करने आदेश दे दिया गया। ये दोनों आदेश ऐसे हैं, जिसने शिक्षकों को हैरान भी कर दिया है और परेशान भी। जांजगीर के एवजीदार के बिना रिलिविंग नहीं दिये जाने की खबर दो दिन पहले पोस्ट की गयी थी…

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शिक्षक तबादला : संचालक का हवाला देकर जिला शिक्षा अधिकारी का अनोखा फरमान…. एवजीदार आने तक नहीं करेंगे जिले से बाहर शिक्षकों को स्थानांतरित !….शिक्षकों की बढ़ा दी मुसीबत

इस खबर के पोस्ट होने के बाद डीईओ केएस तोमर ने इस पूरे मामले पर अपना रूख स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि ऐसा आदेश सिर्फ और सिर्फ एजुकेशन टू ट्राइबल के स्कूलों के लिए जारी किया गया है। अगर किसी शिक्षक का तबादला एजुकेशन टू एजुकेशन या फिर ट्राइबल टू ट्राइबल स्कूल के लिए हुआ है, तो इसके लिए एवजीदार की कोई जरूरत नहीं होगी। हालांकि इससे पहले ये स्थिति स्पष्ट नहीं थी, जिसकी वजह से कई शिक्षकों में भ्रम की स्थिति बन गयी थी।

दरअसल ट्रांसफर की विसंगतियों को लेकर संचालक ने कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जिला स्तर के अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए थे। इसी को आधार बनाकर जिला शिक्षा अधिकारी जांजगीर ने कुछ बिंदु ऐसे जोड़ दिए हैं जो हास्यास्पद तो है ही शिक्षकों को भी परेशान करने वाला था। संचालक की आड़ में जिला शिक्षा अधिकारी अपने नियम लाद रहे हैं , जिला शिक्षा अधिकारी ने जो आदेश जारी किया है उसके दूसरे बिंदु में उन्होंने लिखा है कि

“जिले से बाहर स्थानांतरण हुए कर्मचारियों को तब तक भार मुक्त न करें जब तक उसके स्थान पर दूसरा स्थानांतरित कर्मचारी कार्यभार ग्रहण न करें”

अब इसमें सोचने वाली बात यह है कि जब वह अपने जिले के कर्मचारियों को दूसरे जिले के कर्मचारियों के आने तक भार मुक्त न करने का आदेश जारी कर रहे हैं तो दूसरे जिले के अधिकारी भी यदि ऐसा ही आदेश जारी करके अपने जिले के कर्मचारियों को भारमुक्त न करें एक जिले से दूसरे जिले कर्मचारी पहुंचेगा तो पहुंचेगा कैसे और ऐसे में तो जिले से बाहर पूरे प्रदेश में शिक्षकों का स्थानांतरण ही नहीं होगा। हालांकि अब डीईओ ने स्पष्ट किया है कि ऐसा नियम एजुकेशन टू ट्राइबल के लिए लागू होगा, ना कि एजुकेशन टू एजुकेशन या ट्राइबल टू ट्राइबल के लिए होगा।

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