मार्च में बंद हो जाएंगे अधिकतर मोबाइल वॉलेट! ये है बड़ी वजह

नईदिल्ली 8 जनवरी 2019. देश में अधिकतर मोबाइल वॉलेट मार्च तक बंद हो सकते हैं। यह डर पेमेंट्स इंडस्ट्री के एग्जिक्यूटिव्स ने जताया है। उन्हें डर है कि सभी कस्टमर्स का वेरिफिकेशन फरवरी 2019 तक पूरा नहीं हो पाएगा।इंडस्ट्री के एग्जिक्यूटिव्स ने ईटी को बताया कि कंपनियां अब तक अपने टोटल यूजर बेस के मामूली हिस्से की जानकारी ही जुटा सकी हैं और अभी उन्होंने अधिकतर यूजर्स का बायोमीट्रिक या फिजिकल वेरिफिकेशन नहीं किया है। नई दिल्ली की एक पेमेंट्स कंपनी के सीनियर अधिकारी ने कहा, ‘देश में 95 प्रतिशत से ज्यादा मोबाइल वॉलिट्स मार्च तक बंद हो सकते हैं।’

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पेमेंट्स इंडस्ट्री आरबीआई की गाइडलाइंस के मुताबिक काम करने में पसीना पसीना हो रही है। आधार पर सुप्रीम कोर्ट के जजमेंट के बाद आरबीआई ने गाइडलाइंस जारी की थीं। कोर्ट ने जजमेंट में कहा था कि प्राइवेट कंपनियां कस्टमर्स के पेपरलेस वेरिफिकेशन के लिए आधार डेटाबेस का उपयोग नहीं कर सकती हैं। आरबीआई ने केवाईसी के दूसरे तरीकों के बारे में साफ तौर पर कुछ भी नहीं कहा है। डेडलाइन कुछ हफ्ते दूर है। काम की जैसी रफ्तार है, उसे देखते हुए तो हम डेडलाइन पर इसे खत्म नहीं कर सकते हैं।’

28 फरवरी है आखिरी तारीख
देश भर में कार्यरत सभी मोबाइल कंपनियों को 28 फरवरी तक अपने ग्राहकों की केवाईसी पूरी करनी है। हालांकि अभी तक ज्यादातर कंपनियों ने अपनी केवाईसी को पूरा नहीं किया है। ऐसे में 1 मार्च से इन मोबाइल वॉलेट के बंद होने का खतरा बरकरार हो गया है।
मिली इतनी राहत
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने मोबाइल वॉलेट यूजर्स को बड़ी राहत देते हुए कहा है कि 28 फरवरी के बाद भी उनके वॉलेट में पड़ा बैलेंस खत्म नहीं होगा। इसके साथ ही वॉलेट में पड़े पैसे का इस्तेमाल सामान खरीदने में भी इस्तेमाल कर सकेंगे। पैसों को वो अपने बैंक अकाउंट में भी भेज सकेंगे।
केवाईसी के बिना वॉलेट में पैसा नहीं होगा लोड
आरबीआई ने कहा है कि ग्राहक 1 मार्च से बिना केवाईसी के लिए वॉलेट में पैसा नहीं डाल सकेंगे। इसके साथ ही किसी को भी पैसा भेज भी नहीं सकेंगे। आरबीआई के सख्त दिशानिर्देशों के चलते ऐसा होने जा रहा है। आरबीआई का सभी मोबाइल वॉलेट कंपनियों को निर्देश है कि वो अपने यूजर्स की बेसिक केवाईसी की प्रक्रिया को पूरा कर लें।

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