नियमितिकरण को लेकर राजधानी में कल शक्ति प्रदर्शन, अनियमित कर्मचारी परिवार संग करेंगे हल्ला बोल

रायपुर 15 जून 2019। छत्तीसगढ़ राज्य के अनियमित कर्मचारी आज 16 जून रविवार को राजधानी के बूढ़ातालाब धरना स्थल पर छत्तीसगढ़ संयुक्त प्रगतिशील कर्मचारी महासंध के आव्हान पर प्रदेश के 27 जिलों के अनियमित, दैनिक वेतनभोगी, संविदा, कलेक्टर दर, आउट सोर्सिंग, अंशकालिन, जाॅबदर,प्लेसमेंट, केन्द्र व राज्य शासन की योजनाओं में कार्यरत् विभिन्न विभागों के अस्थाई व अन्य किसी भी विधि से नियुक्त कर्मचारी दोपहर 11 बजे से प्रांतव्यापी ध्यानाकर्षण धरना देगें। तदृपरांत धरना स्थल से दोपहर 1 बजे रैली निकाली जावेगी जो इंडोर स्टेडियम, श्याम टाकीज, बूढ़ापारा चैक, सप्रेशाला मैदान पहुचेगी।

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महासंध के प्रांताध्यक्ष गोपाल प्रसाद साहू, कार्यकारी अध्यक्ष बजरंग मिश्रा, संरक्षक प्रदेश तृतीय वर्ग कर्मचाारी संध के महामंत्री विजय कुमार झा, जिला शाखा अध्यक्ष इदरीश खाॅन, ने बताया है कि 16 जून को राजधानी नियमितिकरण करने, सेवा समाप्ति पर तत्काल रोक लगाने, तथा 62 वर्ष तक शासकीय सेवा की सुरक्षा, विभागों में रिक्त पदों पर पद व योग्यता के अनुरूप समायोजन, आउट सोर्सिंग व ठेका प्रथा बंद कर उनके अधीन कार्यरत् कर्मचारियों को सीधे विभाग में समायोजित किए जाने, तथा नवगठित सरकार के सत्तारूढ़ होने के बाद सेवा समाप्त किए गए कर्मचारियों की बहाली व जिनका सेवावधि वृद्वि नहीं किया गया है, उनकी सेवा अवधि में वृद्वि करने की मांग की ओर शासन का ध्यान आकृष्ट करने हेतु सपरिवार एक दिवसीय प्रांतव्यापी धरना, रैली व प्रदर्शन किया जावेगा। प्रदेश के अनियमित कर्मचारियों में इस बात की पीड़ा है, कि विधानसभा चुनाव 2018 के पूर्व अनिश्चिकालिन आंदोलन एवं 03 जुलाई 2018 के विधानसभा ध्ेराव में ईदगाहभाठा धरना स्थल पर मुख्यमंत्री भूपेश बधेल एवं स्वास्थ मंत्री टी.एस.सिंहदेव, कवासी लखमा सहित वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने इदगाहभाठा धरना स्थल पर आंदोलन का समर्थन करते हुए उनकी सरकार बनने पर नियमितिकरण करने का आश्वासन् हड़ताली अनियमित कर्मचारियों मंच से किया था।

वर्तमान् में प्रदेश में व्याप्त अफसरशाही के कारण सरकार बनने के बाद नियमितिकरण तो दूर छटनी की जा रही है। दूसरी ओर सेवानिवृत्त अधिकारियों को संविदा नियुक्ति देकर उनके प्रति कृपा का तोहफा दिया जा रहा है। अनियमित अस्थाई कर्मचारियों को सेवा समाप्त होने के बाद अपील के अधिकार से भी वंचित करने का निर्देश शासन द्वारा जारी कर अफसरशाही को ही महत्व प्रदान किया है। शासन ने नियमितिकरण हेतु अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति का भी गठन कर संतुष्टीकरण की नीति अपनाई है, किंतु समिति की न तो कोई बैठक हुई, और न ही महासंध प्रतिनिधियों से औपचारिकता चर्चा तक नहीं की गई है। शासन का गठन हुए 6 माह का कार्यकाल व्यतीत होने के बाद भी समिति ने 8 मार्च 19 को गठन हो जाने के बाद आज पर्यन्त इस दिशा में कोई सकारात्मक व सार्थक पहल नहीं की है। इससे शासन की क्षबि धूमिल हो रही है।

इन्हीं समस्याओं की ओर शासन का ध्यान आकृष्ट करने आज प्रस्तावित एक दिवसीय प्रांतव्यापी विशाल धरना रैली में अपने परिवार के साथ अनियमित कर्मचारियों से बड़ी संख्या में राजधानी के धरना स्थल पर अपनी गरिमामय उपस्थिति देकर रैली को सफल बनाने की अपील महासंध के प्रदेश महासचिव कमलेश कुमार सिन्हा, उपाध्यक्ष प्रेम प्रकाश गजेन्द्र, सचिव राजकुमार कुशवाहा, प्रदेश प्रवक्ता धर्मेन्द्र सिंह राजपूत, राधेश्याम देवाॅगन, ग्वालाराम यादव, मानसिंह चैहान, शाहिद मंसूरी, कमलेश साहू, अशोक सिन्हा, उपेन्द्र साहू, रामकुमार साहू, दिनेश साहू, अरूण वैष्णव, संजय ऐड़े, पतांजल मिश्रा, उद्यानिकी दैनिक वेतन भोगी संध प्रांताध्यक्ष चितरंजन साहू, सुखदास बंजारे पीडब्लूडी. लाल झण्डा यूनियन आदि नेताओं ने की रही है।

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