तबादले के बाद अब पोस्टिंग के नाम पर लग रही है लाखों में बोली…….बिलासपुर में पृष्ठांकन के नाम पर शिक्षकों से पैसों की लूट….DPI ने कहा- गलत हो रहा है, साक्ष्य के साथ करें शिकायत..

रायपुर 1 सितंबर 2019। छत्तीसगढ़ में तबादले के नाम पैसों की लूट मार मची है। जहां देखों वहीं वसूली का धंधा शुूरू है। तबादला के नाम भ्रष्टाचार के तमाशे का आजकल सबसे बडा़ अड्डा है जिला शिक्षा अधिकारी का दफ्तर। पहले तबादला कराने के नाम पर DEO दफ्तर की आड़ में वसूली का धंधा चला और अब पोस्टिंग के नाम पर लेन-देन का खुला खेल चल रहा है। कमाल की बात तो ये है कि इस धंधे में ट्रांसफर के वक्त बोली लाखों में लगी थी और अब पोस्टिंग की बोली हजारों से शुरू होकर लाखों तक जा रही है। वसूली का धंधा जहां सबसे ज्यादा परवान पर है, वो है बिलासपुर।

वाट्सएप पर अपडेट पाने के लिए कृपया क्लीक करे

दरअसल राज्य सरकार द्वारा घोषित तबादला सूची में शिक्षकों को उनके दिए गए विकल्पों के आधार पर नियुक्ति देने के बजाय कई लिस्ट में जिला शिक्षा अधिकारी का विकल्प दे दिया गया है। ये मामला सबसे ज्यादा बिलासपुर से जुड़ा है, लिहाजा बिलासपुर का DEO दफ्तर वसूली की फैक्ट्री बन गया है। यहां 2 दर्जन से भी अधिक शिक्षकों को स्थानांतरण के लिए पद देते समय जिला शिक्षा अधिकारी का विकल्प दिया गया है। अब आलम ये है कि जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के अफसर से लेकर बाबू तक इसका जमकर लाभ उठा रहे हैं। यहां एक नया फार्मूला लागू हुआ है शिक्षकों के पृष्ठांकन का। अब पृष्ठांकन के नाम पर तगड़ी रकम वसूली जा रही है।

जो शिक्षक DEO दफ्तर के बाबू और अधिकारी का जेब गरम रहे हैं, उनका पृष्ठांकन हो रहा है, जो नहीं दे रहे हैं, उन्हें घुमाया जा रहा है। हालांकि इस मामले में NPG ने DPI एस प्रकाश से बात की। डीपीआई ने एनपीजी से कहा

“ट्रांसफर का पृष्ठांकन डीईओ से कराने की कोई जरूरत ही नहीं, तबादला जिन शिक्षकों का हुआ वो स्कूल में ज्वाइन करेंगे, अलग से ऐसा कोई आदेश ही नहीं है, पृष्ठांकन के नाम पर पैसे लिये जा रहे हैं, तो ये बहुत गलत बात है, कौन अधिकारी या कर्मचारी पैसे मांग रहा है, ये शिकायत अब तक मेरे पास नहीं आयी थी, मैं आपके माध्यम से कहता हूं कि जो भी अधिकारी या कर्मचारी पैसा मांगे, साक्ष्य के साथ शिकायत शिक्षक करें, हम उनके खिलाफ जरूर कार्रवाई करेंगे”

डीपीआई ने पृष्ठांकन जैसी प्रक्रिया पर ना सिर्फ हैरानी जतायी, बल्कि जिस तरह की शिकायतें आ रही है, उस पर नाराजगी भी दिखायी। जाहिर है बिलासपुर के जिला शिक्षा अधिकारी का कामकाज चौकाने वाला है। ज्वाइनिंग-पोस्टिंग के लिए चक्कर लगा रहे शिक्षक बताते हैं कि कलेक्टर के आदेश पर टेबल बदला तो गया है, लेकिन वसूली का खेल डीईओ दफ्तर में जारी है। अफसरों के शह पर पैसा वसूली का खेल खेला जा रहा है। हालांकि DEO आरएन हीराधरन ने NPG से बातचीत में पृष्ठांकन के नाम पर वसूली के आरोप को खारिज किया, लेकिन पृष्ठांकन की प्रक्रिया को वाजिब बताया…डीईओ ने कहा कि…

देखिये, कौन क्या आरोप लगा रहा है, मैं उस पर तो कुछ नहीं कह सकता, लेकिन कई बार ऐसा मामला आया है कि कई शिक्षक फर्जी ट्रांसफर लेटर लेकर पहुंच जाते हैं, उसी से बचने के लिए पृष्ठांकन की प्रक्रिया रखी गयी है, अब DPI ने पृष्ठांकन की जरूरत क्यों नहीं बतायी, ये तो मालूम नहीं, कुछ शिक्षक दवाब बनाकर पोस्टिंग किसी खास जगह पर कराना चाहते हैं, उनका काम नहीं होता तो आरोप लगाते हैं, मैं नहीं मानता कि पृष्ठांकन के नाम पर पैसा लिया जा रहा है, ऐसी कोई शिकायत आये, तो मैं साक्ष्य के साथ मुझसे शिकायत करे, मैं जरूर कार्रवाई करूंगा”

बिना विवाद वाले शिक्षकों को भी घुमाया जा रहा

जिन शिक्षकों के तबादलों में कोई विवाद नहीं है यानि जिन्हें नियुक्ति उस स्कूल में मिली है जहां पर पद खाली हैं उनके साथ भी पृष्ठांकन का खेल खेला जा रहा है। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से पृष्ठांकन होने के बाद ही उन्हें स्कूलों में स्थापना दी जा रही है। इसके पीछे जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का मौखिक आदेश बताया जा रहा है। इसकी जद में वह व्याख्याता भी आ रहे हैं जिन्हें उनके विषय में रिक्त पद वाले स्कूलों में नियुक्ति दी गई है। जब वह जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में चढ़ावा चढ़ा रहे हैं तभी उन्हें उस स्कूल के लिए पृष्ठांकन करके आदेश दिया जा रहा है। इस पूरी व्यवस्था को रोकने की पहल जिला शिक्षा अधिकारी को करनी चाहिए लेकिन उनके द्वारा ऐसी कोई व्यवस्था नहीं बनाई जा रही है।

विज्ञापन

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.