जज की गाड़ी को नहीं दी साइड, तो कोर्ट रूम में उतरवा दी सिपाही की वर्दी…. डीजीपी की शिकायत के बाद जज का हुआ तबादला… ये था पूरा मामला

आगरा 28 जुलाई 2019। कार को साइड नहीं देने पर एक जज को इतना गुस्सा आया कि पुलिस ड्राइवर को कोर्ट रूम में तलब कर पहले तो उसकी वर्दी उतरवा दी और फिर लगभग 25 मिनट तक बगैर वर्दी के खड़ा कर दिया। इस सजा के बाद ड्राइवर ना सिर्फ पुलिस अफसरों के सामने रो पड़ा, बल्कि वोलेंटरी रिटायरमेंट का आवेदन भी लगा दिया। एसएसपी बबलू कुमार के जरिये ये मामला डीजीपी के पास भी पहुंचा। डीजीपी ने खुद पीड़ित सिपाही घूरेलाल से बातचीत की तथा उसके बाद मामले से उच्च न्यायालय को अवगत कराया गया। वहीं डीजीपी के हस्तक्षेप के बाद सिपाही की वर्दी उतरवाने वाले ACJM संतोष कुमार यादव का तबादला कर दिया गया है। उन्हे अब डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विस अथॉरिटी महोबा भेज दिया गया है।

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सिपाही के मुताबिक, न्यायिक अधिकारी ने उससे कहा कि उसने उनकी गाड़ी को साइड नहीं दी, इसलिए यह सजा दी गयी।  बताया जा रहा है कि घूरे लाल नाम के ड्राइवर ने कोर्ट के पास करीब दो किलोमीटर जज की गाड़ी को साइड नहीं दी थी. घूरे लाल उस वक्त पुलिस वैन चला रहे थे. जज एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के पद पर हैं. इस बात से नाराज जज ने पहले ड्राइवर को तलब किया और फिर वर्दी उतरवाकर खड़ा रहने की सजा दी।

जज द्वारा सजा दिए जाने के बाद कांस्टेबल परेशान थे, उन्होंने वॉलंटरी रिटायरमेंट के लिए आवेदन दे दिया. कथित तौर पर वह आगरा पुलिस प्रमुख के सामने रो पड़े.दोपहर में यूपी पुलिस ने ट्वीट किया, ‘डीजीपी यूपी ओपी सिंह ने कोर्ट द्वारा कांस्टेबल की वर्दी उतारने के आदेश को गंभीरता से लिया है और इस मुद्दे को उचित जगह उठाया. हम प्रत्येक पुलिसकर्मी की गरिमा के साथ खड़े हैं और समाज के सभी वर्गों से सुरक्षाबलों का सम्मान करने की अपील करते हैं.’ इसके कुछ घंटे बाद ही इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जज के तबादले के आदेश जारी कर दिए. हालांकि, जज की ओर से इस रिपोर्ट पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

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