चीफ जस्टिस का CBI पर तीखा तंज… पूछा- राजनीतिक मामलों में क्यों खरी नहीं उतरती आपकी जांच…. मामला राजनीतिक नहीं होता तभी क्यों करते हैं अच्छा काम

नयी दिल्ली, 13 अगस्त 2019। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने मंगलवार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो पर करारा तंज कसा। गोगोई ने पूछा जब मामला राजनीति से जुड़ा नहीं होता तो सीबीआई अच्छा काम करती है, लेकिन राजनीति से जुड़े संवेदनशील मामले में उनकी पड़ताल न्यायिक जांच के मानकों को पूरा नहीं कर पाती। न्यायमूर्ति गोगोई ने दो वर्ष के अंतराल के बाद आयोजित किए गए डी पी कोहली स्मारक व्याख्यान के 18वें संस्करण में एजेंसी की कमियों और ताकतों के बारे में स्पष्ट बात की और उसे आगे बढ़ने के बारे में सलाह भी दी।

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उन्होंने कहा, ‘‘यह सच है, कि कई हाई प्रोफाइल और संवेदनशील मामलों में एजेंसी न्यायिक जांच के मानकों को पूरा नहीं कर पाई है। यह बात भी उतनी ही सच है कि इस प्रकार की खामियां संभवत: कभी-कभार नहीं होती। ’’ न्यायमूर्ति गोगोई ने कहा कि इस प्रकार के मामले प्रणालीगत समस्याओं को उजागर करते हैं और संस्थागत आकांक्षाओं, संगठनात्मक संरचना, कामकाज की संस्कृति और शासी राजनीति के बीच समन्वय की गहरी कमी की ओर संकेत करते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा क्यों है कि जब किसी मामले का कोई राजनीतिक रंग नहीं होता, तब सीबीआई अच्छा काम करती है। इसके विपरीत स्थिति के कारण विनीत नारायण बनाम भारत संघ मामला सामने आया, जिसमें उच्चतम न्यायालय ने एजेंसी की सत्यनिष्ठा की रक्षा करने के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश तय किए।

सुप्रीम कोर्ट ने विनीत नारायण मामले में सीबीआई डायरेक्टर के पद के लिए गाइडलाइंस जारी की थी. इन सभी कारणों से सीबीआई की स्वायत्तता पर बुरा असर पड़ रहा है. गोगोई ने आगे कहा, सीबीआई की स्वतंत्रता को बनाए रखने के लिए न्यायपालिका लगातार कोशिश कर रही है. सीबीआई को राजनीतिक प्रभाव से बचाने के लिए अदालतों ने कई गाइडलाइंस जारी की हैं. उन्होंने कहा कि CBI को सीएजी की तरह सांविधिक अधिनियम के जरिए स्वायत्तता मिलनी चाहिए.इस बीच उन्होंने सीबीआई में खाली पदों का भी मुद्दा उठाया। इस मौके पर सीबीआई के निदेशक ऋषि कुमार शुक्ला सहित सेना प्रमुख विपिन रावत और वायु सेना प्रमुख वीएस धनौआ आदि भी मौजूद थे।

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