कल से रेल सफर हो जाएगा महंगा, ऑनलाइन ट्रेन टिकट बुक करने पर देने पड़ेंगे इतने ज्यादा रुपए

नई दिल्ली 31 अगस्त 2019। IRCTC से E-टिकट खरीदना अब महंगा हो जायेगा। एक आदेश के तहत भारतीय रेलवे ने एक सितंबर से सर्विस चार्ज बहाल करने का फैसला किया है। IRCTC की ओर से 30 अगस्त को जारी आदेश के मुताबिक अब आईआरसीटीसी गैर वातानुकूलित श्रेणी (नॉन एसी) की ई-टिकट पर 15 रुपये और प्रथम श्रेणी सहित वातानुकूलित श्रेणी (एसी कोच) की सभी ई-टिकट पर 30 रुपये का सर्विस चार्ज वसूल करेगा। माल और सेवा कर (जीएसटी) इससे अलग होगा।

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सर्विस चार्ज के दोबारा लागू होने से ट्रेन यात्रियों का आईआरसीटीसी से ऑनलाइन ट्रेन टिकट बुक कराना महंगा हो जाएगा। यानी अब रेल यात्रियों को आईआरसीटीसी से ऑनलाइन ट्रेन टिकट रिजर्वेशन कराने पर ज्यादा रुपये खर्च करने होंगे। आईआरसीटीसी ई-टिकट बुक करने पर बड़ा सर्विस चार्ज लगाएगा।

  1. आईआरसीटीसी की ओर से जारी बयान के अनुसार, सर्विस चार्ज लागू होने के बाद आईआरसीटीसी से एसी टिकट खरीदने पर 30 रुपए और नॉन एसी टिकट खरीदने पर 15 रुपए ज्यादा खर्च करने होंगे। इसके अलावा इस खर्च पर जीएसटी अतिरिक्त देना होगा।
  2. अब स्लीपर ई-टिकट पर 20 रुपए का सर्विस चार्ज देना होगा
  3. एसी क्लास के ई-टिकट पर 40 रुपए का सर्विस चार्ज चुकाना होगा
  4. स्लीपर के लिए भीमएप से पेमेंट करने पर 10 रुपए सर्विस चार्ज लगेगा
  5. एसी के लिए भीमएप से पे करने पर 20 रुपए सर्विस चार्ज देना होगा

बता दें कि नवंबर 2016 में नोटबंदी के बाद मोदी सरकार की ओर से डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए ई-टिकट पर लगने वाला सर्विस टैक्स वापस ले लिया गया था। कहा गया था कि इससे ई-टिकट को बढ़ावा मिलेगा। कुछ हद तक ई-टिकट का चलन भी बढ़ा है। रेलवे अफसरों के मुताबिक इस वक्त रोज जारी होने कुल रिजर्वेशन टिकट में ई-टिकट की हिस्सेदारी लगभग 55 से 60 फीसदी है। वर्ष 2016 में ई-टिकट रोजाना कुल जारी होने वाले टिकट का 35 से 40 फीसदी था। रेलवे के रिकॉर्ड के मुताबिक देश भर में करीब 11 से 12 लाख रिजर्वेशन टिकट रोज जारी होते हैं।

इस महीने के शुरू में रेलवे बोर्ड ने भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) को ऑनलाइन टिकटों पर यात्रियों से सेवा शुल्क वसूलने की मंजूरी दी थी. इसके बाद आईआरसीटीसी ने 1 सितंबर से सर्विस टेक्स वसूलने का फैसला किया है. रेलवे बोर्ड ने कहा था कि वित्त मंत्रालय की दलील है कि ट्रेन टिकटों की बुकिंग पर सर्विस चार्ज से छूट एक अस्थायी उपाय था. अधिकारियों ने बताया कि सर्विस चार्ज हटाने के बाद वित्त वर्श 2016-17 में इंटरनेट से बिकने वाले टिकटों के रेवेन्यू में 26 फीसदी की गिरावट आई थी.

 

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