इतिहासकार रोमिला थापर से JNU प्रशासन ने मांगा CV….. क्या केंद्र की नीतियों की आलोचना है इसके पीछे वजह

नयी दिल्ली 1 सितंबर 2019। प्रख्यात इतिहासकार रोमिला थापर से जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय प्रशासन ने सीवी जमा करने को कहा है.जेएनयू का कहना है कि वह बतौर प्रोफेसर एमेरिटा पढ़ाना जारी रखेंगी या नहीं यह सीवी देखने के बाद फैसला किया जाएगा. जेएनयू के रजिस्ट्रार प्रमोद कुमार ने पिछले महीने थापर को पत्र लिखकर उनसे सीवी जमा करने को कहा था. पत्र में लिखा था कि विश्वविद्यालय एक समिति का गठन करेगी जो थापर के कामों का आंकलन करेगी और फैसला करेगी कि थापर को प्रोफेसर एमेरिटा के तौर पर जारी रखना चाहिए या नहीं.

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जेएनयू के रजिस्ट्रार प्रमोद कुमार ने पिछले महीने रोमिला थापर को पत्र लिखकर उनसे सीवी जमा करने को कहा था. पत्र में लिखा था कि विश्वविद्यालय एक समिति  का गठन करेगी जो थापर के कामों का आंकलन करेगी. जिसके बाद फैसला लिया जाएगा कि  रोमिला प्रोफेसर एमेरिटा के तौर पर जारी रहेंगी या नहीं.आपको बता दें, रोमिला थापर केंद्र सरकार की नीतियों  की घोर आलोचक रहीं हैं.

वहीं जेएनयू के सीनियर फैकल्टी ने इस पर हैरानी जताई है. क्योंकि एमेरिटा प्रोफेसरों को कभी भी सीवी जमा करने के लिए नहीं कहा जाता है. दो फैकल्टी कहना है कि एक बार चुने जाने के बाद इस पद पर शैक्षिक जीवन अकादमिक पद जारी रहता है.

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