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शिक्षाकर्मियों की ये मुहिम है खतरे की घंटी !…संकल्प सभा के पहले घर-घर चल रहा ‘विधानसभा मिशन-हमारा संविलियन’…संजय शर्मा के आह्वान पर सरगुजा से लेकर बस्तर तक शिक्षाकर्मी मुहिम से जुड़े

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रायपुर 14 मई 2018। संविलियन की लिहाज से शिक्षाकर्मी मौजूदा वक्त में अब तक की सबसे अहम लड़ाई लड़ रहे हैं। ना लंबी हड़ताल…और ना ही खुलेआम प्रदर्शन !!…बावजूद आंदोलन ऐसा सशक्त हो चुका है कि सरकार की भी मुश्किलें बढ़ने लगी है। शिक्षाकर्मियों की तब की हुई 45 दिन की हड़ताल और दिसंबर में 15 दिन की हड़ताल ने भी इतना विचलित सरकार को नहीं किया था, जितना की अभी की महापंचायत और संकल्प सभा ने कर दिया है।

हर दिन नये आईडिया के साथ शिक्षाकर्मी अपने आंदोलन में धार और मुहिम में आमलोगों को जोड़ते जा रहे हैं.. जाहिर है आंदोलन का मुहिम बनना ही सरकार के लिए बड़ी चुनौती है।

महापंचायत में हुए फैसले के बाद शिक्षाकर्मी 26 मई को संकल्प सभा मनायेंगे…लेकिन उस संकल्प सभा के पहले मोर्चा संचालक संजय शर्मा के आह्वान पर पूरे प्रदेश में “विधानसभा मिशन, हमारा संविलियन” चल रहा है।

 

संजय शर्मा के इस आह्वान ने ऐसा असर दिखाया, कि देखते ही देखते पूरे प्रदेश के शिक्षाकर्मी इस मुहिम से जुड़ते चले गये।

अधिकांश विधानसभा और खासकर ग्रामीण अंचलों में शिक्षाकर्मियों के संविलियन के समर्थन में लोगों ने वाल पेंटिंग शुरू कर दिया।

वाल पेंटिंग के साथ-साथ लोग वोटिंग फिंगर शो कर ये संकेत भी दे रहे हैं कि ‘चुनाव में साथ उसी को, जो संविलियन दे हमको”…

शिक्षाकर्मी मोर्चा के प्रमुख घटक छत्तीसगढ़ पंचायत नगरीय निकाय शिक्षक संघ प्रदेश अध्यक्ष और मोर्चा के प्रदेश संचालक संजय शर्मा की नई रणनीति के तहत अब दीवारों पर पेंटिंग के जरिए शिक्षाकर्मी आप अपनी मांग सरकार और समाज तक पहुंचा रहे हैं।

दरअसल संजय शर्मा ने शिक्षाकर्मियों से अपील की थी, जिसके बाद सरगुजा के मैनपाट सबसे पहले संगठन के मीडिया प्रभारी कमलेश सिंह ने वॉल पेंटिंग की शुरुआत कराई और देखते ही देखते यह मुहिम सरगुजा से बस्तर तक फैल गई और अब सरगुजा जांजगीर मुंगेली बस्तर समेत कई जिलों में दीवारों पर शिक्षाकर्मियों का यह अभियान नजर आ रहा है इस पर शिक्षाकर्मी मोर्चा के संचालक संजय शर्मा का कहना है कि

“हमने अपनी मांग सरकार और समाज तक पहुंचाने के लिए अलग-अलग माध्यम से आवाज उठाने का निर्णय लिया है इसी के तहत यह अभियान शुरू किया गया है हमने महापंचायत के अपने कार्यक्रम में 26 मई को प्रदेश के 90 विधानसभा में संकल्प सभा के आयोजन का ऐलान किया है और उस दिन शिक्षाकर्मियों की सभी समस्याओं पर चर्चा होगी और शिक्षाकर्मी इस की पूर्ति के लिए संकल्प लेंगे…. शिक्षाकर्मियों की समस्या का एकमात्र निराकरण प्रदेश के एक लाख 80 हजार शिक्षाकर्मियों का एक साथ बिना किसी वर्ष बंधन के वेतन विसंगति को दूर करते हुए मूल शिक्षा विभाग में संविलियन है जिसे सरकार को तत्काल प्रभाव से करते हुए शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करना चाहिए”

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